Trending - Holi

Tuesday | Army | Attitude | Congratulations 🎉 | Good Morning 🌞 | Good Night 😴 | Love 💕 | Motivational 🔥 | Rain 🌧️ | Sad 😢 | Name On Cake 🎂


Home Sajda Shayari Sajda Shayari

Sajda Shayari in Hindi - सजदा शायरी इन हिंदी

Share :


जहाँ सजदे को मन आया वहीं कर लिया,
न कोई संगे-दर अपना न कोई आस्तां अपन।

वो सजदा ही क्या,
जिसमे सर उठाने का होश रहे,
इज़हारे इश्क़ का मज़ा तो तब है,
जब मैं बेचैन रहूं और वो खामोश रहे।

कहीं इश्क सजदे में गिर गया,
कहीं इश्क सजदे से फेर गया।

वो सज़दा ही क्या,
जिसमें सर उठाने का होश रहे,
इज़हारे इश्क का मजा तो तब है,
जब मैं खामोंश और तू बैचेन रहे।

दुनिया कुछ देरी से सजदा करती है,
जोगी पहले दिन से जोगी होता हैं।

वो ख़ुशी में भी हँसती है, वो मायूसी में भी हँसती है,
तू जो दोनो में फ़र्क़ जान लेता है बस उसी के सज़दे है।

हम तो बेवजह ही तेरा सजदा कर बैठे,
वरना तू तो मेरी मुहब्बत के काबिल भी न था।

जिन आंखों को सजदों में रोने की आदत हो,
वो आंखें कभी अपने मुकद्दर पर रोया नहीं करते।

कोई जन्नत का तालिब, है कोई गम से परेशां,
गरज सजदा कराती है, इबादत कौन करता है।

सजदा कहूं, इबादत कहूं, या कहूं इसे दीवानगी,
तेरे नाम का लफ्ज़ भी हम मुस्कुराकर लिखते है।

कभी सजदे, कभी आंसू, हजारों कोशिशें,
लेकिन जो हक में नही बेहतर वो रोने से नही मिलता।

कबूल ए जुर्म करते है सजदे में गिर कर,
सजा ए मौत मंजूर है, पर मोहब्बत अब नही।

तेरे पास में बैठना भी इबादत,
तुझे दूर से देखना भी इबादत,
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा,
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत।

हर एक सज़दा मंजूर ए खुदा हो जाए,
तेरी दुआओं के संग रब की रजा हो जाए,
मिले आज तुम्हे वो खुशियां हजारों,
साल तक गुम तुझ से खफा हो जाए।

किसको देखा उन की सूरत देख कर,
जी में आता है कि सज्दा कीजिए।

क्या हुआ जो तेरे माथे पे है सजदों के निशान इकबाल,
कोई ऐसा सजदा भी कर जो जमीं पर निशान छोड़ दे।

करो दिल से सजदा तो इबादत बनेगी,
मां-बाप की सेवा अमानत बनेगी,
खुलेगा जब तुम्हारी गुनाहों का खाता,
तो मां-बाप की सेवा अमानत बनेगी।

करूं ऐसा सज़दा, वो घबरा के कह दे,
खुदा के लिए अब तो सर को उठा ले।

दिल में सज्दे किया करो मुफ़्ती,
इस में परवरदिगार रहता है।

मेरी इबादतों को ऐसे कर कबूल ऐ मेरे खुदा,
के सजदे में मैं झुकूं तो,
मुझसे जुड़े हर रिश्ते की जिंदगी संवर जाए।

वो वक्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरजू थी,
अब तू खुदा भी बन जाए तो मैं सजदा ना करूं।

आखरी बार तेरे प्यार का सजदा कर लूं,
लौट के फिर तेरी महफिल में नही आऊंगा,
अपनी बर्बाद मोहब्बत का जनाजा लेकर,
तेरी दुनिया से बहुत दूर चला जाऊंगा।




Categories